अनुशासन में सकारात्मकता की पारंपरिक कामना।
जीवन में धैर्य, संयम और मानसिक स्थिरता की कामना।
जीवन में सकारात्मक मार्ग की पारंपरिक कामना।
शनि देव के निमित्त श्रद्धा अनुसार पारंपरिक चढ़ावा एवं दान सामग्री अर्पित करें।
काले तिल शनि ग्रह से संबंधित पारंपरिक दान सामग्री माने जाते हैं। शनिवार को इन्हें श्रद्धा से शनि देव के निमित्त अर्पित या जरूरतमंदों को दान किया जाता है।
लाभ:
धैर्य, मानसिक शांति, कर्म में स्थिरता और शनि देव की कृपा की पारंपरिक धार्मिक कामना की जाती है।
लाभ:
नकारात्मकता से बचाव, धैर्य, आत्मसंयम और शनि देव की कृपा की पारंपरिक धार्मिक कामना की जाती है।
उड़द दाल को शनि ग्रह से संबंधित पारंपरिक दान सामग्री माना जाता है। शनिवार को इसे श्रद्धा से शनि देव के निमित्त अर्पित या जरूरतमंदों को दान किया जाता है।
लाभ:
शनि ग्रह की सकारात्मकता की पारंपरिक धार्मिक कामना के साथ सेवा भावना बढ़ती है।
लाभ:जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ शनि ग्रह की सकारात्मकता की पारंपरिक धार्मिक कामना की जाती है।
शनि देव की पूजा में पुष्प श्रद्धा अनुसार अर्पित किए जाते हैं। शनिवार को पूजा-विधि के अनुसार उपयुक्त पुष्पों से शनि देव का पूजन किया जाता है।
नीलम को वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। इसे धारण करने से पहले जन्मकुंडली अनुसार योग्य ज्योतिषीय सलाह लेना उचित माना जाता है।
लाभ: शनि ग्रह की सकारात्मकता की पारंपरिक ज्योतिषीय स्थिरता की कामना की जाती है।
शनि विशेष सामग्री में काले तिल, तिल तेल, उड़द दाल, काले वस्त्र, लोहा और अन्य पारंपरिक सामग्री शामिल की जाती हैं। इन्हें शनिवार को श्रद्धा से अर्पित किया जाता है।
लाभ: अनुशासन के साथ शनि देव की कृपा की पारंपरिक धार्मिक कामना विशेष रूप से की जाती है।
अपनी आवश्यकता अनुसार चढ़ावा सामग्री चुनें।
ऑनलाइन सुरक्षित माध्यम से भुगतान पूर्ण करें।
आपकी ओर से विधि-विधानपूर्वक पूजा की जाएगी।
पूजा का वीडियो आपके मोबाइल पर भेजा जाएगा।
पूजा का प्रसाद सुरक्षित पैकेजिंग में आपके पते पर भेजा जाएगा।
शनिवार को शनि देव के निमित्त काले तिल, तिल या सरसों का तेल, उड़द दाल, काले वस्त्र और पूजा सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। पूजा की सामग्री स्थानीय परंपरा और पूजा-विधि के अनुसार अलग हो सकती है।
शनि ग्रह शांति पूजा एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें संकल्प, शनि देव का पूजन, मंत्र-जाप, चढ़ावा और पूजा-पद्धति के अनुसार अन्य विधियां शामिल हो सकती हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धा अनुसार शनि की उपासना और शांति की कामना करना है।
साढ़ेसाती के दौरान पारंपरिक रूप से शनि पूजा, शनि मंत्र-जाप, शनिवार को दान, तिल या सरसों तेल का दीपदान और जरूरतमंदों की सेवा जैसे उपाय किए जाते हैं। व्यक्तिगत ज्योतिषीय उपाय जन्मकुंडली के आधार पर अलग हो सकते हैं।
शनि बीज मंत्र के रूप में “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का उल्लेख मिलता है। विशेष साधना या अनुष्ठान में मंत्र-जाप की संख्या और विधि योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में करना उचित है।
शनिवार को स्नान और संकल्प के बाद शनि देव का पूजन, दीपदान, मंत्र-जाप, काले तिल का अर्पण और जरूरतमंदों को दान जैसी पारंपरिक धार्मिक विधियां की जा सकती हैं। स्थानीय मंदिर की पूजा-विधि को प्राथमिकता देना उचित है।
नवग्रह शक्तिपीठ डबरा में उपलब्ध शनि पूजा सेवा के अनुसार श्रद्धालु पूजा या शनि ग्रह शांति अनुष्ठान बुक कर सकते हैं। Booking में पूजा का प्रकार, संकल्प और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देखकर अपनी आवश्यकता के अनुसार सेवा चुनें।
श्रद्धालु उपलब्ध शनि देव चढ़ावा सेवा के माध्यम से अपनी श्रद्धा अनुसार सामग्री चुनकर booking कर सकते हैं। संकल्प और पूजा की प्रक्रिया मंदिर की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरी की जा सकती है।
हाँ, यदि नवग्रह शक्तिपीठ डबरा की ऑनलाइन चढ़ावा सेवा में यह विकल्प उपलब्ध है, तो श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार शनि देव के निमित्त चढ़ावा अर्पित कर सकते हैं।
यदि चुने गए package में प्रसाद सेवा शामिल है, तो पूजा पूर्ण होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रसाद भेजा जा सकता है। Booking से पहले package में प्रसाद सुविधा की जानकारी देखना उचित है।
यदि selected package में पूजा वीडियो सेवा शामिल है, तो पूजा पूर्ण होने के बाद निर्धारित माध्यम से वीडियो उपलब्ध कराया जा सकता है। वीडियो सुविधा package के अनुसार अलग हो सकती है।