क्या आपके बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं? क्या आपके स्वभाव में अनावश्यक क्रोध और चिड़चिड़ापन बढ़ गया है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल देव (Lord Mars) साहस, पराक्रम, ऊर्जा और भूमि के स्वामी हैं। यदि कुंडली में मंगल की स्थिति अशुभ हो, तो व्यक्ति को विवाह, संपत्ति और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल की उपस्थिति ‘मंगलिक दोष’ का निर्माण करती है।
अंगारक योग:
जब मंगल और राहु की युति होती है, तो व्यक्ति का स्वभाव अत्यंत आक्रामक हो सकता है.
भूमि विवाद:
कमजोर मंगल के कारण जमीन-जायदाद से जुड़े कानूनी मसले बढ़ जाते हैं.
रक्त संबंधी दोष:
मंगल का अशुभ होना शरीर में रक्त से जुड़ी अशुद्धियाँ या बीमारियाँ पैदा करता है.
विवाह में विलंब: मंगलिक दोष के कारण विवाह तय होने में बार-बार बाधाएं आना या मंगलिक जीवनसाथी न मिल पाना.
वैवाहिक कलह: विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच अनावश्यक झगड़े और सामंजस्य की कमी.
कर्ज की समस्या: लगातार मेहनत के बाद भी कर्ज का बढ़ना और धन का संचय न हो पाना.
अत्यधिक क्रोध: बिना किसी ठोस कारण के गुस्सा आना और रिश्तों में दरार पड़ना.
शास्त्रों के अनुसार मंगल देव को ‘भूमिपुत्र’ कहा गया है। भगवान कार्तिकेय मंगल ग्रह के अधिपति देव हैं। जो जातक मंगल देव की शरण में आता है, उसे शत्रुओं पर विजय, अचल संपत्ति का सुख और अखंड साहस की प्राप्ति होती है। हनुमान जी की साधना भी मंगल के अशुभ प्रभावों को शांत करने का सबसे अचूक मार्ग है।
डबरा स्थित एशिया का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर मंगल दोष निवारण के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है.
विशेष भात पूजा: यहाँ मंगल देव की शांति के लिए की जाने वाली ‘विशेष भात पूजा’ और ‘लाल चंदन अभिषेक’ अत्यंत फलदायी माना जाता है.
सिद्ध उपाय: यहाँ के जाग्रत वातावरण में की गई मंगल शांति पूजा से हजारों जातकों के विवाह की बाधाएं दूर हुई हैं.
ऊर्जावान वातावरण: मंदिर परिसर की सकारात्मक तरंगे जातक के भीतर के भय को नष्ट कर आत्मविश्वास का संचार करती हैं.
हनुमान साधना: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
लाल वस्तुओं का दान: मंगलवार को लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल वस्त्र का दान करें।
भाई का सम्मान: अपने भाइयों के साथ मधुर संबंध बनाए रखें, इससे मंगल शुभ फल देता है।
मंगल मंत्र: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का नियमित जाप करें।
भूमि पूजन: किसी भी निर्माण कार्य से पहले भूमिपुत्र मंगल देव की पूजा अवश्य करें।
मंगल की शुभता ही व्यक्ति को जीवन में नेतृत्व करने की शक्ति देती है। यदि आप भी वैवाहिक जीवन में सुख या करियर में सफलता चाहते हैं, तो नवग्रह मंदिर डबरा में मंगल देव के दर्शन कर अपने जीवन को मंगलमय बनाएं।