केतु पूजा कैसे करें? (सरल विधि)
स्नान करें और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
पूजा स्थल पर कुश घास, सफेद फूल और अगरबत्ती रखें।
एक दीपक जलाएं।
मंत्र का जाप करें: “ॐ कें केतवे नमः” (108 बार)
यह मंत्र मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करता है।
केतु पूजा के वास्तविक लाभ
मानसिक शांति प्राप्त होती है,
भय और चिंता दूर होती है,
जीवन में स्पष्टता आती है , एकाग्रता
बढ़ती है
, आत्मविश्वास मजबूत होता है,
नकारात्मक विचार दूर होते हैं और
आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है।
मन हल्का और स्थिर हो जाता है।
मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण
केतु व्यक्ति को आंतरिक यात्रा पर ले जाता है।
जब व्यक्ति पूजा, ध्यान और आत्मचिंतन करता है, तो उसका मन शांत हो जाता है और जीवन की जटिलताएं सुलझने लगती हैं।
इसीलिए केतु को "आंतरिक उपचार का ग्रह" भी कहा जाता है।